
दिल्ली के प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक की लाल पत्थरों से बनी इमारत, जो दशकों से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की पहचान रही है, अब अपना रोल बदलने जा रही है। यह वही जगह है जहां से आज़ाद भारत की कई ऐतिहासिक नीतियां और निर्णय लिए गए। लेकिन अब समय के साथ देश का नया प्रशासनिक नर्व सेंटर बनने जा रहा है।
PMO का नया घर: एग्जिक्यूटिव एन्क्लेव
प्रधानमंत्री कार्यालय अब सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत तैयार किए गए एग्जिक्यूटिव एन्क्लेव में शिफ्ट होगा। यह स्थान प्रधानमंत्री के नए सरकारी आवास के नज़दीक है, जिससे प्रशासनिक फैसले लेने में तेज़ी और कुशलता आएगी।
यहां शामिल होंगी ये अहम संस्थाएं:
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प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)
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कैबिनेट सचिवालय
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राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS)
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आधुनिक वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाएं
क्यों जरूरी था नया PMO?
पुराना साउथ ब्लॉक अपनी ऐतिहासिक विरासत के बावजूद कई चुनौतियों से जूझ रहा था:
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जगह की भारी कमी
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आधुनिक तकनीक की सुविधाओं का अभाव
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पर्याप्त वेंटिलेशन और लाइटिंग की कमी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भी कह चुके हैं कि देश को ब्रिटिश कालीन इमारतों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे आत्मनिर्भर, आधुनिक और जवाबदेह बनना होगा।
PMO को मिल सकता है नया नाम भी
सूत्रों की मानें तो PMO को एक नया नाम भी मिल सकता है, जो ‘सेवा’ और ‘जनता से जुड़ाव’ की भावना को दर्शाएगा। प्रधानमंत्री ने अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में कहा था:
“यह मोदी का PMO नहीं, यह जनता का PMO होना चाहिए।”
यह बयान अब भवन और कार्यशैली दोनों में झलकने वाला है।
साउथ और नॉर्थ ब्लॉक का नया अवतार
अब सवाल उठता है कि पुराने साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक का क्या होगा?

इन दोनों ऐतिहासिक इमारतों को अब ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ में बदला जाएगा। यह संग्रहालय:
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भारत के सांस्कृतिक इतिहास को
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आज़ादी की लड़ाई के दस्तावेज़
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डिजिटल युग की झलक
एक साथ प्रस्तुत करेगा। इसके लिए भारत सरकार ने फ्रांस म्यूजियम्स डेवलपमेंट के साथ एक समझौता भी किया है।
नई इमारत, नई सुविधाएं
एग्जिक्यूटिव एन्क्लेव एक स्मार्ट गवर्नेंस कॉम्प्लेक्स होगा, जिसमें शामिल होंगी:
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ग्रीन बिल्डिंग तकनीक
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ऊर्जा दक्षता
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डिजिटल कमांड सिस्टम
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साइबर सुरक्षा इंटीग्रेशन
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साउंडप्रूफ वर्चुअल वार रूम्स
नया PMO: ‘न्यू इंडिया’ की प्रतीक
यह बदलाव सिर्फ एक पते का नहीं, बल्कि भारत की विजनरी लीडरशिप, प्रशासनिक क्षमता, और जनता के प्रति जवाबदेही को दर्शाता है। नया PMO, भारत के भविष्य की ज़रूरतों के मुताबिक तैयार किया गया है — आधुनिक, कार्यकुशल और जन-सेवक।
इतिहास से भविष्य की ओर
जहां साउथ ब्लॉक की दीवारों ने अतीत को देखा है, वहीं एग्जिक्यूटिव एन्क्लेव अब भविष्य की नीतियों को आकार देगा। यह एक नए भारत की ओर कदम है — जहां सरकार सिर्फ शासक नहीं, बल्कि सेवक है।
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